सरदारशहर में मिशन हॉस्पिटल रिटर्न्स

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राजस्थान की जान news

सरदारशहर: सरकारी अस्पताल , ताल मैदान के आग आज फिर मिशन हॉस्पिटल के तहत एक सभा हुयी जिसमे सरदारशहर के कई गणमान्य लोग शामिल हुए और सरकारी अस्पताल 100 बेड और ट्रामा सेंटर के आंदोलन को लेकर आगामी कार्ययोजनाये बनाई गयी । इससे पहले भी मिशन अस्पताल के सदस्यों द्वारा कस्बें में मिशन अस्पताल अभियान के तहत कस्बें में बीस हजार के करीब पोस्टकार्ड लिखकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार व चिकित्सामंत्री राजस्थान सरकार को लिखे गए थे ।
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मिशन अस्पताल का शहर में आगाज : कस्बें के युवाओं ने इस अभियान का शहर में फिर से आगाज किया है। युवाओं ने बताया कि आज सरदारशहर अस्पताल की हालात एकदम खराब हो गई है मरीज यहां आने से कतराते है। जब कोई भुला भटका आ जाए तो यहां से बीकानेर या जयपुर रैफर कर दिया जाता है। रैफर के इस खेल में आज तक इलाज के अभाव में हजारों व्यक्तियों ने अपनी जान गंवा दी।
सरकारी अस्पताल 100 बेड और ट्रामा सेंटर मांग को  कस्बें में इससे पहले भी स्कुलों व संगठनों ने उठाया था लेकिन सरकार ने उनकी मांग की तरफ कोई ध्यान दिया। कस्बें के युवाओं द्वारा लम्बे समय से मिशन अस्पताल का अभियान चलाया जा रहा है : लेकिन पिछले कुछ समय से यह अभियान कुंद पड़ग्या था । लेकिन आज फिर से मिशन अस्पताल अभिया को नए सिरे से सुरु किया गया। इस अभियान को कस्बें के कई संगठनो व स्कूलों  को  समर्थन मिला है ।

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जिले की सबसे बड़ी है तहसील :
जिले में सरदारशहर एक मात्र ऐसी तहसील है जिसमें 210 गांव इसके निचे आते है करीब तीन सौ गांव के लोग इस अस्पताल पर निर्भर है। पूर्व चिकित्सा मंत्री रहे राजेन्द्र राठौड़ ने कई बार सरदारशहर आकर अस्पताल को सौ बेड का बनाने की धोषणा कर चूके है फिर भी ये धोषणा कागजों में ही सीमट कर रहा जाती है। जिससे कस्बें के हर आदमी में रोष है। कि जिले में दो मंत्री बनने के बाद भी सरदारशहर का अस्पताल अपने आंसू रो रहा है।

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मांग पूरी नही होने पर होगा उग्र आंदोलन :
कस्बें के लोगों ने बताया कि इस बार अगर सरकार सरदारशहर के अस्पताल पर कोई ध्यान नही देती है तो सरदारशहर का हर आदमी सरकार के उग्र आंदोलन करेगा और सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। सरकार के मंत्री कई बार शहर की जनता का विरोध होने पर सौ बेड व ट्रोमा सेंटर की घोषणा करके चले गए। पिछले साल एक सड़क हादसे में एक ही परिवार  के दस लोगों ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया था। उस समय जिला कलेक्टर ललीत गृप्ता व एसपी राहुल बारहट राजकीय अस्पताल में आए थे। अस्पताल की अव्यवस्था को लेकर जनता के विरोध का सामना करना पड़ा था। लोगों ने सरदारशहर के अस्पताल के हालात के बारे बताया था।
बैठक में राजेंद्र राजपुरोहित, बलदेव सारण, भारत गॉड,सुनील मीणा, अयूब क्यामखान, देवीलाल भाकर, विक्रम तंवर, विद्याधर सारण,रुस्तम ओमकार बाली, अशोक महरा, विशाल,अयूब खान  आदि ने अपने विचार रखे व आगे के कार्यक्रम की योजना बनाई । बैठक का संचालन सुरेंद्र बारहठ ने किया ।

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